29 October 2017

भारत की लगातार 7वीं सीरीज जीत,इस जीत में रहे चार नायक..जाने विस्तृत खबर

SHARE

भारत न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज रोमांचक मैच के साथ खत्म हुई. पहले मैच में जहां 6 विकेट से न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज की. वहीं दूसरे मैच टीम इंडिया ने हिसाब किताब बराबर कर लिया. टीम 6 विकेट से ही जीती. निगाहें कानपुर में होने वाले तीसरे मैच पर थीं. उम्मीद थी कि यहां मैच रोमांचक होगा. और हुआ भी यही. पहले खेलते हुए भारत ने 337 रन बनाए. लग रहा था कि न्यूजीलैंड की टीम इस स्कोर के सामने बिखर जाएगी. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. कीवी टीम ने टीम इंडिया को ये बता दिया कि उन्हें कमजोर आंकना कितना घातक साबित हो सकता है. लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम बस छह रन पीछे रह गई.

न्यूजीलैंड का पहला विकेट जल्दी गिरने के बावजूद कीवी टीम ने गजब का खेल दिखाया. अंत तक कोई नहीं कह पाया कि मैच किस करवट जाएगा. आखिरी ओवर में जाकर टीम इंडिया को जीत मिली. इस मैच के टीम इंडिया की ओर से चार कारण रहे.

जसप्रीत बुमराह : मैच की पहली पारी देखकर लग रहा था कि मैच के असली हीरो मैच के बल्लेबाज होंगे, लेकिन ऐसा था नहीं. मैच के असली हीरो साबित हुए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह. क्योंकि जब कीवी बल्लेबाज रन बनाने में लगे हुए थे, उस समय बुमराह अकेले गेंदबाज थे, जिन्होंने उन पर अंकुश लगाया. उन्होंने 10 ओवर में 47 रन देकर 3 विकेट झटके. खासकर अंतिम ओवरों में उन्होंने जिस तरह की सधी हुई गेंदबाजी की, उससे कीवी बल्लेबाजों के मंसूबे पूरे नहीं हो पाए. बुमराह को मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला.

रोहित शर्मा : हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित ने एक बार फिर से बता दिया कि उन्हें कानपुर का मैदान कितना रास आता है. यहां उन्होंने 138 गेंदों में 147 रनों की पारी खेली. इससे पहले इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह 150 रनों की पारी खेल चुके हैं. इसके साथ ही वह एक साल में एक हजार वनडे रन पूरे करने वाले विराट के बाद दूसरे खिलाड़ी भी बन गए. रोहित को भी मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया.

विराट कोहली : अपने 202वें मैच में विराट ने अपनी बल्लेबाजी से नया रिकॉर्ड बनाया. वह वन डे में सबसे तेजी से 9000 रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए. इस मैच से पहले उन्हें 9 हजार का आंकड़ा पूरा करने के लिए 83 रनों की जरूरत थी. उन्होंने इस मैच में न सिर्फ 83 रन बनाए, बल्कि शतक बनाकर ये रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. विराट ने इस मैच में 106 बॉल में 113 रन बनाए. इसके साथ ही वह एक साल में 2000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाले खिलाड़ी बन गए. टॉम लैथम के साथ विराट को मैन ऑफ द सीरीज का खिताब दिया गया.

युजवेंद्र चहल : टीम के इस स्पिनर ने अगर जमे हुए बल्लेबाज कॉलिन मनरो और केन विलियमसन को आउट नहीं किया होता तो इस सीरीज का नक्शा कुछ और हो सकता था. चहल ने पहले 75 रन पर खेल रहे मनरो को बोल्ड किया फिर कप्तान केन विलियमसन 64 रनों पर चतुराई से धोनी के हाथों कैच कराकर वापस पेवेलियन भेज दिया. खासकर केन विलियमसन का आउट होना टीम इंडिया के टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. चहल ने 10 ओवर में 47 रन देकर 2 अहम विकेट लिए.

SHARE

0 comments: