प्रभु श्री राम सेवक कल्याण सिंह जी के बारे मे कुछ खास बाते ।

कल्याण जी जनकल्याण  के लिए जाने जाते थे । उनके माता पिता ने जैसा नाम रखा वैसे ही वो बन कर दिखाये । कल्याण जी स्कूल के समय से आरएसएस से जुड़ गए थे ।  उनके जनकल्याण के भाव के कारण  उन्हे एक सफल राजनीतिज्ञ के रूप मे जाना गया। कल्याण जी दो बार उत्तर प्रदेश के मुखमंत्री रहे। कल्याण जी दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।

अयोध्या में राम मंदिर बनाने के आंदोलन और हिंदू राष्ट्रवाद का प्रतीक माना जाता था। कल्याण जी 1967 में अतरौली से विधान सभा के सदस्य के रूप में उत्तर प्रदेश विधानसभा में पहली बार प्रवेश किया।कल्याण जी भारतीय जनसंघ, ​​भाजपा, जनता पार्टी और राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के सदस्य के रूप में उस निर्वाचन क्षेत्र में नौ बार और चुनाव जीते। कल्याण सिंह को 1991 में पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए नियुक्त किया गया था । जब बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ तब उन्होंने मुखमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

कल्याण जी 1997 में दूसरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने, 1999 में उनकी पार्टी ने उन्हें हटा दिया और कल्याण जी अपनी पार्टी बनाकर भाजपा को छोड़ दी।कल्याण सिंह ने 2004 में भाजपा में फिर से प्रवेश किया, और बुलंदशहर से सांसद का चुनाव जीत गए। उन्होंने 2009 में दूसरी बार भाजपा छोड़ दी, 2009 के भारतीय आम चुनाव में एटा से निर्दलीय के रूप में सफलतापूर्वक चुनाव लड़े । कल्याण जी 2014 में फिर से भाजपा में शामिल हो गए और उन्हें राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उन्होंने पांच साल के कार्यकाल की सेवा की। 2019 में कल्याण जी पर बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कराने के आपराधिक साजिश के लिए मुकदमा चलाया गया। कल्याण जी को 2020 में केंद्रीय जांच ब्यूरो की एक विशेष अदालत ने बरी कर दिया था।

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